क्या सच मे टाटा कंपनी अपने 150वीं वर्षगाँठ के मौके पर लोगों को कार जितने का मौका दे रही हैं ? सच या झूट ! जानने के लिए क्लिक करें

क्या सच मे टाटा कंपनी अपने 150वीं वर्षगाँठ के मौके पर लोगों को कार जितने का मौका दे रही हैं? सच या झूट ! जानने के लिए क्लिक करें

क्या सच मे टाटा कंपनी अपने 150वीं वर्षगाँठ के मौके पर लोगों को कार जितने का मौका दे रही हैं ?

दोस्तों, आजकल सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल किया जा रहा और जिसमे की दावा किया जा रहा है कि टाटा कंपनी अपने 150वीं वर्षगाँठ के मौके पर लोगों को कार जितने का मौका दे रही है।
मुझे ये जानकारी मेरे खाश दोस्त ने दी जब उन्हें भी उनके फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप में किसी ने शेयर किया था। तब मैंने ये जानने के लिए की इस दावे में कितनी सच्चाई है गूगल पर इस टॉपिक पर रिसर्च करना सुरू किया । 

क्या है इस वाइरल मैसेज की सच्चाई ?


रीसर्च के दौरान मुझे कहीं भी ऐसी कोई खबर या न्यूज़ नहीं मिली जो ये पुष्टि कर सके कि सच में टाटा कंपनी अपने 150वीं वर्षगाँठ के मौके पर लोगों को कार जितने का मौका दे रही हैं। इस दौरान मुझे कंपनी की तरफ से दिया गया ट्विटर पर ऑफिसियल नोटिफिकेशन का लिंक जरुर प्राप्त हुआ जिसे मैं आपके सामने नीचे शेयर कर रहा हूँ।


इस ट्वीट में आप साफ साफ देख सकते हैं कि टाटा कंपनी ने इस वायरल मैसेज का खंडन किया है और इसे फेक औऱ झूट बताया है औऱ आम जनता से अपील भी की है कि कृपया लिंक पर क्लिक न करें और/या इसे दूसरों को फॉरवर्ड न करें।

बताते चलें कि उस वायरल मैसेज में लोगों से लिंक पर क्लिक करके एक छोटा सा सर्वे को पूरा करने को कहा जाता है औऱ दावा किया जाता है कि उस सर्वे को सफलतापूर्वक पूरा करने पर आपको टाटा कंपनी की तरफ से एक कार उपहार स्वरूप भेट की जाएगी ।

दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि हमारा मकसद एक जागरूक भारत बनाने के है इसलिए आपलोगों से अपील है कि कभी भी इस तरह के मैसेज पर आँखे बंद कर के विश्वास ना करें औऱ ना हो दूसरों तक ये मैसेज फॉरवर्ड करे । औऱ एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज अदा करे।

इस फेक मैसेज को बनाने के पीछे क्या उद्देश्य हैं?

दरअसल इन नक़ली मैसेज को बनाने के पीछे कुछ शातिर, हैकर लोगो का हाथ होता है जिनका मकसद आपको इन चीजों में फसा कर आपके मत्वपूर्ण जानकारियों को चुराना या इकठा करना होता है औऱ वे लोग इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल भी करते हैं। औऱ मार्केटिंग कंपनियों को ये डेटा बेच कर अच्छा पैसा कमा लेते हैं। 

ये लोग टारगेट उन ही कंपनियों को करते हैं जिनका की एक ब्रांड नाम हो और लोगों तक काफी पहुँच हो। औऱ चुकी ये मैसेज ब्रांडेड कंपनी से आई है तो लोग जल्दी इनपर बिश्वास भी कर लेते हैं और अपना नुकसान भी कर बैठते हैं।

दोस्तों हमारा प्रयास आज के डिजिटल युग में फैल रही गलत अफवाह, नकली सूचनाओं से आपको सतर्क और जागरूक करना है। तो नीचे कमेंट में बताए कि क्या ये जानकारी आपके लिए मददगार साबित हुई?


अगर आपके पास भी ऐसी कोई मेसेज पहुँची हो औऱ आप जानना  चाहते हैं कि वो मैसेज फेक है या रियल तो कृपया नीचे कमेंट में बताये और हम आपसे वादा करते हैं कि हम सही जानकारी आप तक पहुचायेंगे।

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